भगवान शिव के दिव्य भजन एवं संकीर्तन — नमामीशमीशान, हे शंभो एवं महाकाल कीर्तन
कैलाशपति देवाधिदेव महादेव के पावन भजन, रुद्राष्टकम एवं शिव संकीर्तन
भगवान शिव के दिव्य भजन एवं संकीर्तन — नमामीशमीशान, हे शंभो एवं महाकाल कीर्तन (Audio)
भगवान शिव के दिव्य भजन एवं संकीर्तन — नमामीशमीशान, हे शंभो एवं महाकाल कीर्तन पाठ
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥
सत्यम शिवम सुंदरम —
ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है, शिव ही सुंदर है।
जागो उठकर देखो जीवन ज्योति उजागर है॥
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥
सत्यम शिवम सुंदरम —
ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है, शिव ही सुंदर है।
जागो उठकर देखो जीवन ज्योति उजागर है॥
भावार्थ: हे ईशान! हे मोक्षरूप, सर्वव्यापक, ब्रह्म और वेदस्वरूप शिव! मैं आपको नमन करता हूँ। आप निर्गुण, निर्विकल्प, कामनारहित और ज्ञानमय आकाश के समान व्याप्त हैं।
भगवान शिव के दिव्य भजन एवं संकीर्तन — नमामीशमीशान, हे शंभो एवं महाकाल कीर्तन का महत्व एवं आध्यात्मिक लाभ
📜 शिव समा रहे मुझमें (आध्यात्मिक शिव भजन)
शिव समा रहे मुझमें, और मैं शून्य हो रहा हूँ…
डमरू की गूँज में मेरा अस्तित्व खो रहा हूँ।
न आरंभ है मेरा, न अंत है कहीं मेरा,
महाकाल की जटाओं में गंगा सा बह रहा हूँ…
डमरू की गूँज में मेरा अस्तित्व खो रहा हूँ।
न आरंभ है मेरा, न अंत है कहीं मेरा,
महाकाल की जटाओं में गंगा सा बह रहा हूँ…
🌟 शिव भजन और अंतरंग साधना
शिव भजन साधक को बाह्य प्रपंचों से खींचकर अंतर्मुखी बना देते हैं। भगवान शिव वैराग्य, समता और असीम करुणा के अधिपति हैं। महाशिवरात्रि, सावन मास और प्रदोष व्रत के दिन शिव भजनों का गायन समस्त मानसिक क्लेशों और भय का नाश करता है।
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