Lakshmi Aarti

आरती

श्री लक्ष्मी माता आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता

धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य एवं समृद्धि की देवी मां महालक्ष्मी की पावन आरती

श्री लक्ष्मी माता आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता

BHARTIYADOOT.COM • धर्म • संस्कृति • हमारी पहचान

श्री लक्ष्मी माता आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता
卐 ॐ 卐

श्री लक्ष्मी माता आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख सम्पति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गावे।
उर आनन्द समावे, पाप उतर जावे॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥

💰 मां महालक्ष्मी का स्वरूप

मां लक्ष्मी केवल भौतिक धन की देवी नहीं, बल्कि अष्टलक्ष्मी के रूप में यश, ज्ञान, धैर्य, आरोग्य, संतान, विजय और मोक्ष की प्रदाता हैं। समुद्र मंथन के समय क्षीरसागर से प्रकट होकर उन्होंने भगवान श्री विष्णु का वरण किया। जिस गृह में स्वच्छता, सत्य और सद्गुण का वास होता है, वहां मां लक्ष्मी चिरकाल तक स्थिर रूप से निवास करती हैं।

🪔 शुक्रवार एवं दीपावली पूजन

प्रत्येक शुक्रवार एवं दीपावली महापर्व पर गाय के घी का दीपक जलाकर, कमलगट्टे की माला, कमल पुष्प और खीर का भोग लगाकर इस आरती का पाठ करने से दरिद्रता का समूल नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top