BHARATIYADOOT धर्म | संस्कृति | हमारी पहचान

श्री दुर्गा आरती

सम्पूर्ण आरती, हिन्दी भावार्थ एवं नित्य पूजा विधि

दुर्गा आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी

दुर्गा आरती (Audio)
00:00 / 06:15 🔊
दुर्गा आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी ॥

मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥ ॐ जय अम्बे गौरी ॥

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे ।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजे ॥ ॐ जय अम्बे गौरी ॥

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी ॥

कानन कुंडल शोभित, नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी ॥

दुर्गा आरती का महत्व

माँ दुर्गा की आरती शक्ति, सुरक्षा और साहस का संचार करती है। नवरात्रि एवं प्रत्येक शुक्रवार को माँ जगदम्बा की आरती करने से घर में सुख, शांति, ऐश्वर्य और सभी प्रकार की सकारात्मक शक्तियों का वास होता है।

संबंधित सामग्री
document.addEventListener(“DOMContentLoaded”, function() { var c = document.getElementById(“comments”); var target = document.querySelector(“.bd-main-column”); if (c && target) { target.appendChild(c); c.style.display = “block”; } });

संबंधित पावन रचनाएं

श्रद्धालु टिप्पणियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *