BHARATIYADOOT धर्म | संस्कृति | हमारी पहचान

Ganesha Kartikeya Parikrama Katha

सम्पूर्ण आरती, हिन्दी भावार्थ एवं नित्य पूजा विधि

गणेश जी और कार्तिकेय की कथा — माता-पिता की परिक्रमा एवं बुद्धि की विजय

ब्रह्मांड की सबसे बड़ी सीख — माता-पिता के चरणों में ही समस्त तीर्थ और भुवन विद्यमान हैं

गणेश जी और कार्तिकेय की कथा — माता-पिता की परिक्रमा एवं बुद्धि की विजय (Audio)
00:00 / 05:12 🔊
गणेश जी और कार्तिकेय की कथा — माता-पिता की परिक्रमा एवं बुद्धि की विजय पाठ
मातृपितृमयी पूजा सर्वतीर्थमयी यतः।
तयोः प्रदक्षिणां कृत्वा सर्वपृथ्वी प्रदर्शिता॥
शिवपुराण वचन: माता-पिता की सेवा और पूजा समस्त तीर्थों के दर्शन के समान है। उनकी परिक्रमा कर लेने से संपूर्ण पृथ्वी और ब्रह्मांड की परिक्रमा का पुण्य सहज ही प्राप्त हो जाता है।
गणेश जी और कार्तिकेय की कथा — माता-पिता की परिक्रमा एवं बुद्धि की विजय का महत्व एवं आध्यात्मिक लाभ

🦚 पृथ्वी परिक्रमा की अद्भुत प्रतिस्पर्धा

एक समय देवर्षि नारद एक दिव्य अमर ज्ञान-फल लेकर कैलाश पहुंचे। भगवान शिव और माता पार्वती के दोनों पुत्रों—कार्तिकेय और गणेश—के बीच उस फल को प्राप्त करने की इच्छा जाग्रत हुई। महादेव ने एक शर्त रखी: “जो संपूर्ण पृथ्वी की तीन बार परिक्रमा करके सबसे पहले कैलाश लौटेगा, यह दिव्य फल उसी को प्रदान किया जाएगा।”

🐘 विवेक और धर्म-बुद्धि की विजय

पराक्रमी कार्तिकेय अपने तीव्रगामी वाहन मयूर (मोर) पर सवार होकर पलक झपकते ही पृथ्वी की परिक्रमा के लिए उड़ गए। परंतु विशालकाय गणेश जी ने अपने चतुर बुद्धि का आश्रय लिया। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती को एक आसन पर बिठाया, उनके चरणों का अभिषेक किया और श्रद्धापूर्वक उनकी तीन परिक्रमाएं कीं। शिवजी ने जब पूछा तो गणेश जी ने कहा: “शास्त्र कहते हैं कि माता-पिता के चरणों में ही संपूर्ण ब्रह्मांड, समस्त वेद और तीर्थ समाए हैं।” गणेश जी के इस धर्मनिष्ठ विवेक से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें प्रथम पूज्य का अमर वरदान दिया।

संबंधित सामग्री
भक्ति, शक्ति और सेवा का पावन पथ

सनातन संस्कृति की अमर धरोहर को अपने जीवन में उतारें और आत्मिक शांति का अनुभव करें।

और जानें →
📩 नवीनतम अपडेट पाएं

नित्य आरती, मंत्र एवं त्योहारों की जानकारी सीधे अपने ईमेल पर प्राप्त करें।

संबंधित पावन रचनाएं

श्रद्धालु टिप्पणियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *