📅 16 Sep 2026
•
⏱️ 1 मिनट पठन
समुद्र मंथन की संपूर्ण कथा — अमृत, हलाहल और भगवान शिव का नीलकंठ स्वरूप
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥ भावार्थ: जो कर्पूर के समान परम धवल, करुणा के…
समुद्र मंथन की कथा
पढ़ें →