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Lakshmi Puja Vidhi Steps

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महालक्ष्मी पूजा विधि — श्री सूक्त, कमलगट्टा, अष्टलक्ष्मी ध्यान एवं चौकी स्थापना

शुक्रवार एवं दीपावली पर मां लक्ष्मी को स्थाई रूप से प्रसन्न करने की शास्त्रीय विधि

महालक्ष्मी पूजा विधि — श्री सूक्त, कमलगट्टा, अष्टलक्ष्मी ध्यान एवं चौकी स्थापना (Audio)
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महालक्ष्मी पूजा विधि — श्री सूक्त, कमलगट्टा, अष्टलक्ष्मी ध्यान एवं चौकी स्थापना पाठ
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
श्री सूक्त प्रथम ऋचा: हे अग्निदेव! सुवर्ण के समान कांति वाली, हरिणी के सदृश चंचल, सोने और चांदी की माला धारण करने वाली, चंद्रमा के समान शीतल और प्रकाशमयी मां लक्ष्मी का हमारे घर में आह्वान करें।
महालक्ष्मी पूजा विधि — श्री सूक्त, कमलगट्टा, अष्टलक्ष्मी ध्यान एवं चौकी स्थापना का महत्व एवं आध्यात्मिक लाभ

💰 चौकी स्थापना एवं षोडशोपचार क्रम

१. उत्तर या ईशान कोण में चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं और उस पर अक्षत की अष्टदल कमल बनाएं।
२. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा इस प्रकार स्थापित करें कि लक्ष्मी जी गणेश जी के दाहिनी ओर हों।
३. कलश में जल, सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते डालकर ऊपर नारियल रखें।
४. मां लक्ष्मी को कमलगट्टे की माला, लाल गुलाब या कमल का पुष्प, सिन्दूर, इत्र और कौड़ियां अर्पित करें।
५. खीर अथवा सफेद बताशे का नैवेद्य अर्पित करें।

🪔 कनकधारा स्तोत्र एवं श्री सूक्त पाठ

मां लक्ष्मी चंचला हैं; उन्हें स्थिर रखने के लिए भगवान विष्णु का स्मरण अनिवार्य है। अतः पूजन के समय “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ” मंत्र का जप और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत फलदायी है।

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