हिंदू त्योहार
श्री राम नवमी — मर्यादा पुरुषोत्तम का जन्मोत्सव, पूजन विधि एवं महिमा
चैत्र शुक्ल नवमी को भगवान श्री रामचंद्र जी का पावन प्राकट्य पर्व
BHARTIYADOOT.COM • धर्म • संस्कृति • हमारी पहचान
卐 ॐ 卐
श्री राम नवमी — मर्यादा पुरुषोत्तम का जन्मोत्सव, पूजन विधि एवं महिमा
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥
लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी।
भूषन बनमाला नयन बिसाला सोभासिंधु खरारी॥
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥
लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी।
भूषन बनमाला नयन बिसाला सोभासिंधु खरारी॥
रामचरितमानस स्तुति: दीनों पर दया करने वाले, कौशल्या जी का हित करने वाले कृपालु प्रभु प्रकट हुए। मुनियों के मन को मोहने वाले उस अद्भुत, नीलमेघ वर्ण और चार भुजाओं वाले रूप को देखकर माता कौशल्या हर्षित हो उठीं।
🏹 दोपहर 12:00 बजे का पावन मुहूर्त
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ठीक दोपहर 12:00 बजे भगवान श्री राम का जन्म अयोध्या धाम में हुआ—“नौमी तिथि मधु मास पुनीता, सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता। मध्यदिवस अति सीत न घामा, पावन काल लोक बिश्रामा॥” इस समय सूर्य देव भी अपने रथ को रोककर दर्शन करने लगे थे।
🚩 पूजन एवं अखंड रामायण पाठ
राम नवमी के दिन घरों और मंदिरों में अखंड रामायण पाठ की पूर्णाहूति होती है। दोपहर 12 बजे शंख, घड़ियाल और मंगल गीतों के साथ श्रीराम जन्मोत्सव मनाया जाता है तथा तुलसी मिश्रित पंजीरी और पंचामृत का प्रसाद वितरित किया जाता है।