देवी-देवता
भगवान श्री राम — मर्यादा पुरुषोत्तम का स्वरूप, जीवन आदर्श एवं राम राज्य
धर्म, कर्तव्य, सत्य और मर्यादा के साक्षात प्रतिमूर्ति — भगवान श्री रामचंद्र
BHARTIYADOOT.COM • धर्म • संस्कृति • हमारी पहचान
卐 ॐ 卐
भगवान श्री राम — मर्यादा पुरुषोत्तम का स्वरूप, जीवन आदर्श एवं राम राज्य
रामो विग्रहवान् धर्मः साधुः सत्यपराक्रमः।
राजा सर्वस्य लोकस्य देवानामिव वासवः॥
राजा सर्वस्य लोकस्य देवानामिव वासवः॥
🏹 मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन मूल्य
महर्षि वाल्मीकि ने रामायण में लिखा है—“रामो विग्रहवान् धर्मः” अर्थात् श्री राम धर्म के साक्षात विग्रह (मूर्त रूप) हैं। वे एक आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति, आदर्श मित्र और आदर्श राजा के रूप में मानव जाति के लिए मर्यादा का सर्वोच्च प्रतिमान स्थापित करते हैं।
🚩 राम राज्य की अवधारणा
गोस्वामी तुलसीदास जी के अनुसार राम राज्य का अर्थ है: “दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि ब्यापा॥”—जहां किसी को शारीरिक रोग न हो, कोई प्राकृतिक आपदा न सताए, और सब परस्पर प्रेम और धर्म के साथ जीवन यापन करें। यही आदर्श समाज की सनातन परिकल्पना है।