पंचांग एवं मुहूर्त
शुभ मुहूर्त क्या होता है? — चौघड़िया, अभिजीत मुहूर्त एवं काल-चयन का विज्ञान
प्रकृति, सौरमंडल और मानव चेतना के अनुकूल समय का चयन — सफलता की कुंजी
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शुभ मुहूर्त क्या होता है? — चौघड़िया, अभिजीत मुहूर्त एवं काल-चयन का विज्ञान
मुहूर्तेन प्रयाता ये सिद्ध्यन्ति सर्वकार्येषु।
कालो हि मूलं सर्वेषां कार्याणां फलसाधने॥
कालो हि मूलं सर्वेषां कार्याणां फलसाधने॥
काल सूत्र: जो व्यक्ति शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करता है, उसके समस्त कार्य सिद्ध होते हैं। काल (समय की सकारात्मक ऊर्जा) ही समस्त फल की सिद्धि का मूल आधार है।
🌟 अभिजीत मुहूर्त — स्वयंसिद्ध शुभ काल
प्रतिदिन दोपहर के समय (सूर्योदय से सूर्यास्त के मध्य का ठीक 8वां मुहूर्त, लगभग दोपहर 11:45 से 12:35 के बीच) ‘अभिजीत मुहूर्त’ होता है। यह 48 मिनट का समय समस्त दोषों को समाप्त करने वाला स्वयंसिद्ध मुहूर्त है। भगवान श्री राम का प्राकट्य भी इसी अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। यदि किसी कार्य के लिए कोई विशेष मुहूर्त न मिले, तो अभिजीत मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करना सर्वथा उत्तम है (केवल बुधवार को छोड़कर)।
⏳ चौघड़िया के 7 प्रकार
दिन और रात को 8-8 भागों में बांटकर चौघड़िया देखा जाता है। इनमें अमृत, शुभ, और लाभ अत्यंत शुभ हैं। चर सामान्य कार्य हेतु ठीक है। जबकि रोग, उद्वेग, और काल चौघड़िया में शुभ कार्यों का आरंभ टालना चाहिए। सही समय का चुनाव प्रकृति के सकारात्मक स्पंदनों से जुड़ने का विज्ञान है।